ये दोनों एन.बी.एफ.सी., रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के को-लेंडिंग फ़्रेमवर्क के तहत ‘आर्वोग’ ब्रांड नाम से मिलकर गोल्ड लोन प्रोडक्ट देने की योजना बना रही हैं।
इस प्रोजेक्ट में गोदरेज फ़ाइनेंस की ८०% हिस्सेदारी होगी, जबकि फिंकर्व्ह फ़ाइनेंशियल (आर्वोग) के पास २०% हिस्सेदारी रहेगी; साथ ही, फ़्रेमवर्क के अनुसार जोखिम और फ़ायदे भी आपस में बांटे जाएंगे। क्रेडिट का आकलन और मंज़ूरी आपसी सहमति वाले क्रेडिट फ़्रेमवर्क के तहत की जाएगी।
इस पार्टनरशिप से आर्वोग को अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी का कहना है कि अब वह ब्रांच-बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल के ज़रिए लोन सोर्सिंग और ओरिजिनेशन का काम संभाल सकती है, जिसमें कस्टमर एक्विज़िशन, ऑनबोर्डिंग, के.वाई.सी. प्रोसेस और सोने का मूल्यांकन शामिल है। कलेक्शन और कस्टमर के साथ लगातार जुड़े रहने की ज़िम्मेदारी भी आर्वोग की ही होगी।